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प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी सुराजी गांव योजना के अन्तर्गत नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी योजना का क्रियान्वयन विभिन्न विभागों जैसे - पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि, पशुधन विकास, उद्यानिकी, ऊर्जा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी आदि के समन्वय से किया जा रहा है। समस्त जिलों में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत स्तर पर गोचर भूमि आरक्षित कर गौठानों एवं चारागाहों का निर्माण किया जा रहा है। योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के गौवंशीय-भैंसवंशीय पशुधन को गौठानो के माध्यम से एक स्थान पर छाया, शुद्ध पेयजल, सूखा एवं हरा चारा उपलब्ध कराना है, जिससे खुले में घूम रहे पशुओं से किसानो की फसलों को हो रहे नुकसान से बचाया जा सके। साथ ही पशुओं को मूलभूत सुविधा के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी.....

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योजना के आंकड़े

सफलता की कुछ झलकियाँ