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घुरूवा कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है कि ग्रामों में उपलब्ध पशुधन से प्राप्त गोबर एवं फसल अवशेष से वैज्ञानिक विधि से उच्च गुणवत्तायुक्त जैविक खाद उत्पादन कर कृषि में जैविक खाद के उपयोग को प्रोत्साहित कर काश्त लागत में कमी लाना एवं मृदा स्वास्थ्य एवं फसल उत्पादकता में वृद्धि करना है। घुरूवा कार्यक्रम अंतर्गत प्रथम में 1968 ग्राम पंचायतो का चयन कर कृषको द्वारा स्वप्रेरणा से 51,551 भू-नोडेप, 9,881 नोडेप टांके, 10,117 वर्मी टांके, 9,700 वर्मी बेड एवं 621 नये बायोगैस संयंत्र निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इस प्रकार कुल 2.73 लाख कृषक घुरूवा घटक अंतर्गत लाभान्वित हुए। लगभग 3,43,032 मे. टन जैविक खार का निर्माण हुआ, जिसका कृषकों द्वारा खेतो में उपयोग किया गया तथा.....

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